जैन धर्म – Jainism

जैन धर्म

जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव थे। इन्हें इस धर्म का संस्थापक भी माना जाता है। जैन धर्म में कुल 24 तीर्थंकर हुए। महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे। इन्हें धर्म का वास्तविक संस्थापक माना जाता है। जैन धर्म में कर्मफल से छुटकारा पाने के लिए त्रिरत्न का पालन आवश्यक माना गया है। ये त्रिरत्न हैं- सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान एवं सम्यक् आचरण।