Genetic disorders – आनुवंशिक रोग

genetic disorders list – आनुवंशिक रोगों की सूची

खनिज लवण किसे कहते हैं – What Are Mineral Salts

genetic disorders list - आनुवंशिक रोगों की सूची
genetic disorders list – आनुवंशिक रोगों की सूची

1. वर्णान्धता (Colour Blindness) इसके रोगी ‘लाल’ एवं ‘हरे’ रंग में भेद नहीं कर पाते हैं। यह रोग ‘X गुणसूत्र पर उपस्थित रहता है। यदि वर्णान्ध पुरुष की शादी सामान्य महिला से होती है तो उसके बच्चों में लड़की वर्णान्ध होगी तथा लड़के सामान्य। यदि वर्णान्ध Genetic Disorder – आनुवंशिक रोग महिला कसी शादी सामान्य पुरुष से होती है तो उनकी सन्तानों में आधे वर्णान्ध एवं आधे सामान्य होंगे।

2. हीमोफिलिया (Heamophilia) यह रोग केवल पुरुषों में पाया जाता है। महिलाएं इस रोग के जीन की वाहक (Carrier) होती हैं। महिलाएं भी इस रोग से ग्रस्त हो सकती हैं, किन्तु ऐसा तभी होगा, जबकि हीमोफीलिक पुरुष हीमोफीलिया वाहक स्त्री से विवाह करे। चूंकि हीमोफीलिक जीन घातक होते हैं जिसके कारण हीमोफीलिक पुरुष युवा होने से पूर्व मर जाते हैं और शादी की स्थिति ही नहीं बन पाती। अतः यह रोग महिलाओं में प्रायः नहीं होता। Genetic Disorder – आनुवंशिक रोग हीमोफिलिया की स्थिति में चोट लग जाने पर रक्त का थक्का नहीं बन पाता और अत्यधिक रक्त श्राव होने पर व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है।

3. रतौंधी (Night Blindness) इसके रोगी को शाम एवं रात्रि के समय स्पष्ट नहीं दिखाई पड़ता।

4. उाउन सिन्ड्रोम (Down Syndrome) इसे मंगोलायड रोग भी कहते हैं, इस रोग की स्थिति में गुणसूत्रों की संख्या 46 के स्थान पर 47 हो जाती है। परिणामतः चेहरा बाहर की ओर उभर आता है, ओठ फट जाते हैं, त्वचाएं शुष्क हो जाती हैं, लम्बाई छोटी हो जाती है।

5. हसिया कार (Sickle Cell Anaemia) इस रोग की स्थिति में लाल रक्त एनीमिया कणिकाएं ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में हसिया कार हो जाती हैं। परिणामतः लाल रक्त-कणिकाओं की संख्या घट जाती हैं।

6. फेनिलकीटोनूरिया (Phynylke-tonuria) इसके रोगी के शरीर में अमीनों अम्ल का निर्माण नहीं हो पाता, जिससे शरीर में विष एकत्र हो जाता है और मस्तिश्क एवं शरीर का समुचित विकास अवरुद्ध हो जाता है।

7. एल्बिनिज्म (Alibinism) इस रोग की स्थिति में त्वचा की रोग कणिकाओं का निर्माण नहीं हो पाता, परिणामतः व्यक्ति रंगहीन हो जाता

8. थैलेसेमिया (Thalassemia) इसे कूलीएनीमिया भी कहते हैं। यह रोग हीमोग्लोबिन को प्रभावित करता है।