राजस्थानी चित्रकला की विशेषताएं ( Features of Rajasthani painting )

राजस्थानी चित्रकला की विशेषताएं ( Features Of Rajasthani Painting ) विषय वस्तु की विविधता, वर्ण विविधता, प्रकृति परिवेश, देश काल के अनुरूप होना राजस्थान चित्रकला की प्रमुख्पा विशेषताएं हैं।  – धार्मिक एंव सांस्कृतिक क्षेत्र की चित्रकला में भक्ति एंव अंगार इस की प्रधानता हैं।  – दीप्तियुक्त, चटकदार एंव सुनहरे रंगो का अधिक प्रयोग किया जाता …

Read moreराजस्थानी चित्रकला की विशेषताएं ( Features of Rajasthani painting )

राजस्थान कें संस्कार / संस्कृति ( Culture )

जडूला:- जातकर्म (बच्चों के बाल उत्रवाना) बरी पड़ला:- वर पक्ष के लोगों द्वारा वधू पक्ष के लोगों के लिए लेकर जाने वाले उपहार। सामेला (मधुर्पक):- शादी पर वधु पक्ष द्वारा वर पक्ष की अगुवानी करना। मोड़ बाँधनाः- वर को बारात में चढ़ाते समय मांगलिक कार्य। नांगल:- नये घर का उद्घाटन कांकनडोरा:- वर को शादी पूर्व …

Read moreराजस्थान कें संस्कार / संस्कृति ( Culture )

राजस्थान मे प्रमुख मेले ( Major Fairs in Rajasthan )

राजस्थान मे प्रमुख मेले ( Major Fairs In Rajasthan ) राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित मेले : 1. पतंग महोत्सव – जयपुर  2. ऊंट महोत्सव – बीकानेर  3. मरू महोत्सव – जैसलमेर  4. थार महोत्सव – बाड़मेर  5. हाथी महोत्सव – जयपुर  6. शरद महोत्सव – माउंट आबू  7. मेवाड महोत्सव – उदयपुर  8. दशहरा महोत्सव …

Read moreराजस्थान मे प्रमुख मेले ( Major Fairs in Rajasthan )

राजस्थान की मस्जिदें एवं मजारें ( Mosques and Mausoleum of Rajasthan )

राजस्थान की मस्जिदें एवं मजारें ( Mosques And Mausoleum Of Rajasthan ) 1. ईदगाह मस्जिदः जयपुर  2. मलिकशाह की दरगाहः जालौर  3. मीठे शाह की दरगाहः गणरौण  4. गुलाब खां का मकबरा : जोधपुर  5. गुलाब कलन्दर का मकबराः जोधपुर  6. गमता गाजी मीनारः जोधपुर  7. भूरे खां की मजारः मेहरानगढ़ (जोधपुर).  8. इकमीनार : …

Read moreराजस्थान की मस्जिदें एवं मजारें ( Mosques and Mausoleum of Rajasthan )

राजस्थान के प्रमुख मंदिर ( Major temples of Rajasthan )

किराडू के मंदिर: – माहवार (बाड़मेर) के समीप।  – किराडू का पुराना नाम किरात कूप हैं जो परमार राजाओं की राजधानी थी।  – मुख्य मंदिर – सोमेश्वर – किराडू के मंदिरों को राजस्थान का खजुराहों कहते हैं  – यह मंदिर नागर शैली में बने हुये हैं। सूर्य मंदिर:- झालरापाटन (झालावाड़)  – इसे सात सहेलियों का …

Read moreराजस्थान के प्रमुख मंदिर ( Major temples of Rajasthan )

राजस्थान के लोकनाट्य ( Loknatya of Rajasthan )

ख्याल : – पौराणिक एंव ऐतिहासिक कथाओं को पद्यबद्ध करके नाटक के रूप में मंचन किया जाता हैं। . सूत्रधारः- हलकारा 1. कुचामनी ख्याल: – प्रवर्तक- लच्छी राम  – इसमें महिला पात्रों की भूमिका पुरूषों द्वारा डी निभायी जाती हैं।  – इसका स्वरूप ‘ओपेरा’ जैसा होता हैं।  – मुख्य कथाएं – चांद नीलगिरि, राव रिड़मल, …

Read moreराजस्थान के लोकनाट्य ( Loknatya of Rajasthan )

राजस्थान भाषा की मत्त्वपूर्ण कृत्तियाँ (Important works of Rajasthan language)

आर्य भाषा वैदिक संस्कृत            पाली                                  संस्कृत महाराष्ट्री प्राकृत शौरसेनी  प्राकृत मागधी  प्राकृत गुर्जरी अपभ्रंश :- राजस्थानी शौरसेनी अपभ्रंश :- हिन्दी डिंगल :- पं. राजस्थानी का साहित्यिक रूप पिंगल :- पूर्वी राजस्थानी का साहित्यिक रूप इसमें ब्रज भाषा का मिश्रण पाया जाता हैं।  राजस्थानी भाषा का विकासः – गुर्जरी अपभ्रंश- 11वीं से 13वीं शताब्दी .  प्राचीन …

Read moreराजस्थान भाषा की मत्त्वपूर्ण कृत्तियाँ (Important works of Rajasthan language)

राजस्थान की प्रमुख छतरियाँ ( Major chhatris of Rajasthan )

राजस्थान की प्रमुख छतरियाँ ( Major Chhatris Of Rajasthan ) गैटोर की छतरियाँ: – यहां पर जयपुर के शासकों की छतरियाँ हैं।  – सवाई जयसिंह से लेकर माधोसिंह द्वितीय तक।  – ईश्वरीसिंह की छतरी यहां स्थित नहीं हैं, ईश्वरीसिंह की छतरी ईसरलाट के पास ही हैं। आहड़: – यहां पर मेवाड़ के शासकों की छतरियाँ …

Read moreराजस्थान की प्रमुख छतरियाँ ( Major chhatris of Rajasthan )

राजस्थान के दुर्ग ( Forts of Rajasthan )

(1) गागरोन का किला : – वर्तमान झालावाड़ जिले में काली सिंध व आबू नदियों के किनारे स्थित हैं।  – गागरोन का किला एक जलदुर्ग हैं।  – इसका निर्माण डोड परमार शासकों ने करवाया था, इसलिए इसे डोडगढ़ भी कहते हैं। इसे धूलरगढ़ भी कहते हैं।  – देवेनसिंह खीची ने बजीलदेव डोड को हराकर इस …

Read moreराजस्थान के दुर्ग ( Forts of Rajasthan )

राजस्थान की चित्रकला ( Rajasthani painting )

– ब्राउन महोदय ने राजस्थान की चित्रकला को ‘राजपुत कला’ कहा। – H.C. मेहता – ‘हिन्दू शैली’  – आनन्द कुमार स्वामी ने 1916 में लिखी अपनी पुस्तक ‘Rajput Paintings’ में राजस्थान की चित्रकला को राजपूत चित्र शैली कहा तथा इस राजपूत चित्र शैली में पहाड़ी शैली (हिमाचल प्रदेश) को भी शामिल कर लिया।  – रामकृष्ण …

Read moreराजस्थान की चित्रकला ( Rajasthani painting )