भारत के खनिज संसाधन एवं उद्योग – Mineral Resources & Industries

खनिज संसाधन एवं उद्योग

कोयला देश में ऊर्जा का प्रमुख स्रोत हैं और देश की व्यावसायिक ऊर्जा की खपत में इसका योगदान 67 प्रतिशत है। इसके अलावा यह इस्पात और कार्बो-रसायनिक उद्योगों में काम आने वाला आवश्यक पदार्थ है। कोयले से प्राप्त शक्ति खनिज तेल से प्राप्त की गयी शक्ति से दोगुनी, प्राकृतिक गैस से पाँच गुनी तथा जल-विद्युत शक्ति से आठ गुना अधिक होती है।

भारत में कृषि – India Agriculture

भारत में कृषि - India Agriculture

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भारत की मिट्टियाँ – Indian Soils

भारत की मिट्टियाँ मुख्य रूप से आठ प्रकार पायी जाती हैं , जलोढ़ मिट्टी, काली मिट्टी, लाल एवं पीली मिट्टी, लेटेराइट मिट्टी, शुष्क मिट्टी या मरुस्थलीय मिट्टी, लवणीय मिट्टी, पीटमय मिट्टी, वन क्षेत्र की या पर्वतीय मिट्टी

भारत की प्राकृतिक वनस्पति ( Natural Vegetation Of India )

प्राकृतिक वनस्पति, Natural Vegetation

राष्ट्रीय वन नीति के अनुसार देश के 33.3% क्षेत्र पर वन होने चाहिए। 
12वीं वन स्थिति रिपोर्ट-2011 के अनुसार कुल वन क्षेत्रफल 692027 वर्ग किमी. है। (कुल भू–भाग का 21.05%) 

भारत की जलवायु – The Climate Of India

भारत की जलवायु

अनेक विद्वानों ने भारत की जलवायु प्रदेशों में विभाजित करने का प्रयास किया है। इन प्रयासों में ट्रवार्था (Trevartha) का जलवायु प्रादेशीकरण काफी प्रचलित हैं। इस वर्गीकरण के आधार पर भारत को निम्नलिखित जलवायु प्रदेशों में विभाजित किया जा सकता है।

भारत का अपवाह तंत्र/नदी प्रणाली – Drainage System Of India

अपवाह तंत्र - Drainage System

भारत का अपवाह तंत्र, हिमालयीय नदियाँ, सिन्धु नदी तंत्र, गंगा नदी तंत्र, ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र, हिमनद (Glacier) एक बर्फ संहति है जो उच्च स्थल से निम्न स्थल की ओर धीरे-धीरे खिसकती रहती है। ध्रुवीय क्षेत्रों के बाहर भीतर में (काराकोरम तथा हिमालय श्रेणियों) विश्व के सबसे बड़े ग्लेशियर मिलते हैं।

भारत के भौतिक प्रदेश / धरातल ( The Physical Features Of India )

भारत का धरातल

हिमालय (हिम + आलय) का अर्थ है ‘हिम का घर’ (Abode of snow)| इसकी कुल लम्बाई लगभग 5000 किमी. है तथा इसकी औसत ऊँचाई 2000 मीटर है। इसकी औसत चौड़ाई 240 किमी. है तथा क्षेत्रफल लगभग 5 लाख वर्ग किमी. का है।